सॉफ्टवेयर क्या है, इसके प्रकार और उदाहरण 2022 | GazabJankari

आज के कम्प्यूटर वर्ल्ड में कम्प्यूटर का इस्तेमाल हर जगह होता है, देखा जाये तो हम कम्प्यूटर से घिरे हुए है, बिना कम्प्यूटर के आज के टाइम में कोई भी काम नहीं हो सकता।

आप कोई भी फील्ड में चले जाओ आपको वहा पर कोई भी बिना कम्प्यूटर के नहीं दिखेगा, क्योंकी आज के टेक्नोलॉजी वर्ल्ड में कम्प्यूटर के सिवाय काम करना बिलकुल ही असंभव हो गया है।

कम्प्यूटर को assemble करने में hardware और software इन दोनों की जरूर पड़ती है। अगर आप जानना चाहते है की hardware क्या है तो आप हमारे इस आर्टिकल को पढ़ सकते है, आज के इस आर्टिकल में हम जानेगे की सॉफ्टवेयर क्या है। 

सॉफ्टवेयर क्या है?

क्या है 1

कम्प्यूटर हम सभी इस्तेमाल करते है इसमें तो कोई शक नहीं है आज के टाइम में जिसको कम्प्यूटर use करना नहीं आता मतलब वह टेक्नोलॉजी के बारे मे इतना नहीं जानता होगा

कोई फील्ड में जॉब करने के लिए कम्प्यूटर चलाते आना बहुत ही जरुरी हो गया है. कम्प्यूटर में हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर दोनों का use होता है।

बिना हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के आप कम्प्यूटर को शुरू ही नहीं कर पाएंगे। सॉफ्टवेयर कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग लैंग्वेज का समूह होता है जिसमे हार्डवेयर को चलाने के लिए कोडिंग किया जाता है। 

अभी सिर्फ प्रोग्रामिंग लैंग्वेज के जरिये भी कम्प्यूटर नहीं चलता इसमें भी कम्पाइलर और इंटरप्रेटर के जरिये इन programing लैंग्वेज को बाइनरी लैंग्वेज में कन्वर्ट किया जाता है तब जाके कम्प्यूटर को समज आता है की यूजर क्या करना चाहता है। 

हम जभी कम्प्यूटर पर कोई भी काम करते है तो हम इंटरनेट use करने के लिए इंटरनेट ब्राउज़र का उपयोग करते है, तथा हमें कोई प्रेजेंटेशन बनाना हो तो हम पॉवरपॉइंट का उपयोग करते है

ऐसे हम कई भिन्न भिन्न प्रकार के एप्लीकेशन use करते है जिन्हे तकनिकी भाषा में सॉफ्टवेयर कहा जाता है। 

सॉफ्टवेयर को हम स्पर्श नहीं कर सकते है सिर्फ उन्हें इस्तेमाल कर सकते है. कम्प्यूटर के कोई भी हार्डवेयर को चलाने क लिए हमें सॉफ्टवेयर की जरुरत पड़ती है। 

सॉफ्टवेयर के प्रकार

सॉफ्टवेयर को उनके कार्यो के आधार पर दो केटेगरी में बाटा गया है। 

  1. सिस्टम सॉफ्टवेयर 
  2. एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर 

सिस्टम सॉफ्टवेयर  

सिस्टम सॉफ्टवेयर का उपयोग हार्डवेयर को चलाने के लिए और उसे नियंत्रित करने के लिए किया जाता है, उदाहरन के तौर पर समजा जाए तो जभी हम कप्यूटर शुरू करते है कोई भी एप्लीकेशन या सॉफ्टवेयर चालू नहीं होता है।

जब तक की हम कोई सॉफ्टवेयर को ओपन ना करले, लेकिन जब हम टास्क मैनेजर ओपन करते है बैकग्रॉउंड में कही सारे एप्लीकेशन चालू होते है वह बैकग्राउंड प्रोसेस को चलाने का काम सिस्टम सॉफ्टवेयर का होता है।

यह सॉफ्टवेयर कम्प्यूटर के CPU और मेमोरी को कंट्रोल करता है और उन पर नजर बनाये रखता है। 

सिस्टम सॉफ्टवेयर को भी चार भागो में categorize किया गया है। वो हम जान लेते है। 

  • Operating System 

कोई भी कम्प्यूटर चलाने के लिए हमें ऑपरेटिंग सिस्टम की जरुरत पड़ती है, ऑपरेटिंग सिस्टम एप्लीकेशन और हार्डवेयर के बिच में इंटरफ़ेस का काम करता है।

कोई भी प्रकार के कम्प्यूटर को ऑपरेट करने के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम बहुत ही आवश्यक है उसके बिना हम कोई भी कम्प्यूटर को ऑपरेट नहीं कर सकते।

जैसे की कम्प्यूटर पर में हम Win 11, Win 10 ऑपरेटिंग सिस्टम का उपयोग करते है, स्मार्ट फोन में एंड्राइड और maOS का  उपयोग करते है। 

  • Utilities 

कंप्यूटर पर हर दिन हम कोई ना कोई अलग अलग प्रकार के काम करते होते हैं जैसे की प्रेजेंटेशन बनाना, डॉक्यूमेंट बनाना, इंटरनेट ब्राउजिंग करना तो जैसा कि हम जानते हैं कि जभी हम इंटरनेट ब्राउजिंग कर रहे होते है

तो इंटरनेट पर रोजाना हजारों वायरस हमारे सिस्टम में अटैक करते रहते ई-मेल के जरिए या कोई लिंक के जरिए वायरस के सामने हमारे सिस्टम को बचाने के लिए हम एंटीवायरस सॉफ्टवेयर का यूज करते हो

तो एंटीवायरस यह एक यूटिलिटी सॉफ्टवेयर है, हम हमारे कंप्यूटर में कोई भी प्रकार का डाटा स्टोर करके रखते तो वह डाटा गलती से डिलीट ना हो जाए या आपकी ड्राइव corrupt ना हो जाए

इसीलिए हम डाटा बैकअप डाटा रिकवरी जैसे सॉफ्टवेयर का उपयोग करते है जो एक यूटिलिटी सॉफ्टवेयर है.

  • Device Driver

कम्प्यूटर हम जभी कोई भी प्रकार का काम करते है तो उसे हार्डवेयर डिवाइस के जरिये हम करते है, हार्डवेयर डिवाइस तो आपको सभी को पता ही होंगे जैसे की कीबोर्ड माउस इत्यादि।

यह हार्डवेयर डिवाइस चलाने के लिए इनके ड्राइवर की जरुरत हमें होती है जिन्हे डिवाइस ड्राइवर कहते है। कोई भी प्रकार का हार्डवेयर डिवाइस चलाने के लिए हमें डिवाइस ड्राइवर की जरुरत पड़ती ही है

उसके बिना कोई भी हार्डवेयर डिवाइस use नहीं कर पाओगे। डिवाइस ड्राइवर सॉफ्टवेयर के जरिये बनाये जाते है। यह एक प्रकार के सॉफ्टवेयर होते है। 

Ex: USB Drivers, Printer Drivers, Motherboard Driver, Network Adapter Drivers, ROM Drivers, and VGA Drivers, etc.

  • Language Translator

लैंग्वेज ट्रांसलेटर user के द्वारा किये गए कमांड को कम्प्यूटर भाषा में ट्रांसलेट करने का काम करता है, सॉफ्टवेयर को अलग अलग programing लैंग्वेज में लिखा जाता है

जो कम्प्यूटर नहीं समजता इसके पहले वाले आर्टिकल में भी हमें आपको बताया था की कम्प्यूटर सिर्फ बाइनरी लैंग्वेज जानता है, इसीलिए coding के जरिये बनाये हुए सॉफ्टवेयर को कम्प्यूटर को समझाने के लिए लैंग्वेज ट्रांसलेटर का इस्तेमाल किया जाता है।

उदाहरण: Compiler, Interpreter, Assemblers, etc.

एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर

इन सॉफ्टवेयर को enduser भी कहा जाता है, हम डेली रूटीन में इन एप्लीकेशन और सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते है जैसे की मोबाइल फोन्स और कम्प्यूटर में।

मोबाइल और कम्प्यूटर पर हम हजारो सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करते है. जैसे की कम्प्यूटर की अगर हम बात करे तो ईमेल करने के लिए, इंटरनेट ब्राउज़िंग करने के लिए, माइक्रोसॉफ्ट एक्सेल, नोटपैड, इत्यादि। सॉफ्टवेयर के जरिये हम कोई भी प्रकार का काम कर सकते है।  

इनमे भी दो प्रकार के सॉफ्टवेयर होते है.

  1. Basic Application Software
  2. specialized Application Software
  • Basic Application Software

जभी हम कम्प्यूटर पर काम करते है हम नोटपैड, एक्सेल, जैसे बेसिक सॉफ्टवेयर का उपयोग करते है जिन्हे बेसिक सॉफ्टवेयर कहा जाता है, यह कम्प्यूटर के साथ ही पहले से installed होकर आते है। इन्हे हमें अलग से इनस्टॉल नहीं करना पड़ता। basic सॉफ्टवेयर का उपयोग हर फील्ड में किया जाता है। 

  • Specialized Application Software

कोई भी प्रकार का एडिशनल काम करने के लिए हम जिन सॉफ्टवेयर का उपयोग करते है उन्हें स्पेशलाइज्ड एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर कहा जाता है। 

जैसे की अगर आपको वीडियो एडिटिंग करना हो तो उसके लिए आपको वीडियो एडिटर की जरुरत पड़ेगी, अगर आप song सुनना चाहते, वीडियो देखना चाहते है, फोटो एडिटिंग करना चाहते है

इस तरह के काम करने के लिए आपको स्पेशल सॉफ्टवेयर की जरुरत पड़ती है, जिन्हे अलग से डाउनलोड करके इनस्टॉल करना पड़ता है। 

सॉफ्टवेयर के उदाहरण

  1. इंटरनेट डाउनलोड मैनेजर

कम्यूटर पर हम तरह तरह के काम करते है जैसे की मूवी देखना, वीडियो देखना इत्यादि अगर हमें इंटरनेट पर कोई भी प्रकार का सॉफ्टवेयर डाउनलोड करना है या मूवी डाउनलोड करना है

तो हम इंटरनेट डाउनलोड मैनेजर की मदद से यह काम कर सकते है। इसे downloading सॉफ्टवेयर कहा जाता है।

  1. Recuva 

हम कम्प्यूटर में हर तरह का डाटा सेव करके रखते है जैसे की हमारे फोटो, वीडियो, डाक्यूमेंट्स इत्यादि, कभी कबार क्या होता है की यह स्टोर data हमसे या किसी अन्य फॅमिली मेंबर्स से डिलीट हो जाते है

अगर आपके कम्प्यूटर में यह सॉफ्टवेयर है तो अपने डिलीट हुए फाइल्स को फिरसे रिकवर कर सकते है। यह एक इम्पोर्टेन्ट सॉफ्टवेयर है अगर आपके पास कम्प्यूटर है तो आपके सिस्टम में यह सॉफ्टवेयर होना ही चाहिए। 

  1. Bluestacks

मोबाइल गेम हम सभी खेलते है लेकिन क्या हम वो एंड्राइड की गेम्स कम्प्यूटर में खेल सकते है जी हां खेल सकते है, इसके लिए आपको अपने कम्प्यूटर में blustacks नाम का सॉफ्टवेयर कम्प्यूटर में install करना होगा। जिसकी मदद से आप अपनी मोबाइल गेम्स कम्प्यूटर में भी खेल सकते हो। 

  1. Winrar

यह कम्प्यूटर का मोस्ट इम्पोर्टेन्ट एंड बेसिक सॉफ्टवेयर है, अगर हम इंटरनेट परसे कोई भी फाइल या फिर सॉफ्टवेयर डाउनलोड करते है तो वह zip फॉर्मेट में होती है, वह zip फॉर्मेट में इसीलिए होती है क्यों की सॉफ्टवेयर की साइज बहुत ही बड़ी होती है जीने compress करके अपलोड किया जाता है

जिसे winrar सॉफ्टवेयर की मदद से unzip किया जाता है। इसीलिए कोई भी zip फाइल का डाटा एक्सट्रेक्ट करना हो तो यह सॉफ्टवेयर की मदद से आप यह काम कर सकते है। 

  1. VLC Media Player

कम्प्यूटर में हम सभी मूवी देखते है गाने सुनते है,  इन सभी फाइल्स को प्ले करने के लिए हमें ऐसे सॉफ्टवेयर की जरुरत होती है जो इन मीडिया फाइल्स को प्ले कर सके.

VLC मीडिया प्लेयर इन मीडिया फाइल्स को प्ले करने में सक्षम होता है इसीलिए अगर आपके कम्प्यूटर में यह सॉफ्टवेयर नहीं है तो आप कोई भी मीडिया फाइल्स चला नहीं सकते। आपके कम्प्यूटर में यह सॉफ्टवेयर होना बहुत जरुरी है। 

  1. Antivirus

कम्प्यूटर पर हम रोजाना अनगिनत इंटरनेट एक्टिविटी करते रहते है, और इंटरनेट पर हमारा डेटा चोरी करने के लिए ऐसे लाखो वायरस मौजूद होते है ऐसे वायरस से हमारे सिस्टम को बचाने के लिए हमें एंटीवायरस का उपयोग करना पड़ता है,

जो की एक अत्यंत आवश्यक सॉफ्टवेयर है. आप ने सुना ही होगा आज कल फेसबुक अकाउंट, इंस्टग्राम अकॉउंट हैक होजाते है इसके पीछे का कारन यही वायरस ही है। 

सॉफ्टवेयर की आवश्यकता क्यों पड़ी?

आज से 20 साल पहले की अगर हम बात करे तो कम्प्यूटर के बारे मे लोग इतना नहीं जानते है मतलब की लोग को कम्प्यूटर पर कैसे काम किया जाता है यह नहीं पता होता था, लेकिन जैसे जैसे समय बदलता गया वैसे वैसे टेक्नोलॉजी में विकास होते गया.

पहले हम लोग डीवीडी प्लेयर का इस्तेमाल करते थे कोई भी song प्ले करने के लिए उसके लिए हमें मार्किट में से sons की cd या dvd खरीदनी पड़ती थी। अगर हमें कोई मूवी देखनी होती थी तो हम थिएटर में जाते थे.

अगर हमें कोई पुराणी मूवी देखनी हो तो उसके लिए बहुत स्ट्रगल करना पड़ता था, क्यों की कोई कोई मूवी की cd मार्किट में उपलब्ध नहीं होती थी। 

अगर हमें रेलवे टिकट बुक करनी थी होती तो हम रेलवे स्टेशन पर जा कर लाइन में खड़े रहकर टिकट निकालते थे, कोई इंटरनेट के रिलेटेड कोई काम होता था तो हम साइबर कैफ़े में जाते थे. 

लेकिन जबसे सॉफ्टवेयर का हमारे रोज मर्रा की  जीवन में उपयोग में लाने जाने लगा तब हमारे सभी काम ऑनलाइन शुरू हो गये। क्यों की सॉफ्टवेयर की वजहसे इंसान का टाइम बचने लगा,

जिस कार्य को करने के लिए कोई भी व्यक्ति को अधिक समय लगता था वह वो कार्य सिर्फ चंद मिनिटों में करना लगा। सॉफ्टवेयर ने इंसानी दुनिया में एक बड़ी क्रांति ला कर रख दी, आज हम कोई भी काम करने जाते है तो वह एकदम आसानी से होजाता। 

जैसे की हम बात करे तो अगर आप घर पर बैठे है और आपको लता मंगेशकर, मुकेश, इन सभी के songs सुनने का मन कर रहा है तो आप आसानी यूट्यूब ओपन कर के, सावन एप डाउनलोड करके आप सुन सकते है। 

आपको कोई पुराणी मूवी देखने का मन कर रहा है तो आप हॉटस्टार, amazon प्राइम जैसी एप्लीकेशन के जरिये मूवी देख सकते है। ट्रैन, प्लैन की टिकट बुक करनी है तो आप घर पर बैठे बैठे मोबाइल से टिकट बुक कर सकते है,

यह सब कुछ आज सॉफ्टवेयर की वजहसे मुमकिन हो पाया है। सॉफ्टवेयर और मशीन ने मिलके हमारी इंसानो की लाइफ में एक अपनी विशेष जगह बना दी है।

सॉफ्टवेयर कैसे बनाते हैं?

सॉफ्टवेयर बनाने के लिए आपको उसके लिए एजुकेशन लेना बहुत ही जरुरी है उसके लिए आपको Java, C, C++,vb.net,asp.net . जैसे लैंग्वेज को सीखना पड़ता है। यह सभी लैंग्वेज सिखने के लिए कोई भी व्यक्ति को सालो लग जाते है तभी वह इन लैंग्वेज का इस्तेमाल करके सॉफ्टवेयर बना पाता है। 

सॉफ्टवेयर बनाना आप एक दिन में नहीं सिख सकते उसके लिए आपको कड़ी मेहनत करनी पड़ती है. 

  • C लैंग्वेज 

यह सबसे पुराणी प्रोग्रामिंग लैंग्वेज है अगर आप अपना करियर सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर बनाना चाहते है तो आपको यह लैंग्वेज सीखनी होगी। यह आपका बेस है इसी लैंग्वेज पर बाकि के programing लैंग्वेज डेवलप हुई है। 

  • Python लैंग्वेज

इस लैंग्वेज का उपयोग वेब डेवलोपमेन्ट के लिए किया जाता है। 

सॉफ्टवेयर कैसे काम करता है? 

सॉफ्टवेयर मोबाइल और कम्प्यूटर दोनों को लिए इस्तेमाल किया जाता है, सॉफ्टवेयर एक ऐसा पार्ट है जो आपके मोबाइल या कम्प्यूटर के हार्डवेयर पार्ट को चलाने के लिए मदद करता है उसके बिना आपका कोई भी डिवाइस चल नहीं सकता है। 

सॉफ्टवेयर एक विशेष programing लैंग्वेज का समूह होता है जिसमे यूजर द्वारा किये जाने वाले क्वेरी को अंतिम रूप देने के लिए बनाया जाता है। इसमें उन सभी क्वेरी को ऐड किया जाता है जो एक यूजर करना चाहता है। 

जैसे की अगर आप एक फोटो एडिटर सॉफ्टवेयर इस्तेमाल कर रहे है तो एप में आप फ़िल्टर, क्रॉप, blur, कलर,ब्राइटनेस, जैसे अन्य टूल्स का उपयोग करते है

वह सभी टूल्स किस प्रकार काम करेंगे इन सभी का coding उसका स्ट्रक्चर उन सॉफ्टवेयर में किया जाता है जिससे यूजर को वह सॉफ्टवेयर use करने में आसानी हो सके। 

सॉफ्टवेयर लाइसेंस क्या होता है?

सॉफ्टवेयर लाइसेंस मस्तलब की यूजर को परमिशन देता है की आप कंपनी द्वारा दिए गए सॉफ्टवेयर को क़ानूनी रूप से इस्तेमाल कर सकते है। जैसे की पेड सॉफ्टवेयर, freeware सॉफ्टवेयर। 

अगर आप paid सॉफ्टवेयर लेते है उसके साथ आपको एक लाइसेंस key दी जाती है जिससे आपके सिवाय वह सॉफ्टवेयर और कोई use नहीं कर सकता है नाही वह सॉफ्टवेयर दोबारा आप कोई अन्य सिस्टम में चला पाओगे। 

जैसे की Win 10, Win 11 यह एक लाइसेंस सॉफ्टवेयर है आप यह ऑपरेटिंग सिस्टम को एक ही सिस्टम मे use कर सकते है। जिसमे आपको एक लाइसेंस key प्रदान की जाती है।

क्योंकी लाइसेंस सॉफ्टवेयर में आप सॉफ्टवेयर को क़ानूनी रूप से उसका उपयोग कर रहे है. बिना लाइसेंस वाले जो सॉफ्टवेयर होते है उन्हें piratade सॉफ्टवेयर कहा जाता है.

लाइसेंस सॉफ्टवेयर में आपको फ्यूचर में आनेवाले update भी प्राप्त होते है जिसमे आपको पहले से ज्यादा फीचर्स मिलते है। 

सॉफ्टवेयर में करियर कैसे बनायें? 

आज कल सभी जगह पर कम्प्यूटर और मोबाइल का इस्तेमाल किया जाता है और टेक्नोलॉजी में हम दिन प्रतिदिन आगे ही बढ़ते जा रहे है। इसीलिए अगर आप सॉफ्टवेयर मेकिंग में अपना करियर बनाना चाहते है तो आपके लिए यह एक सुवर्ण मौका है।

क्योंकी आज के टाइम सॉफ्टवेयर इंजीनियर की बहुत ही ज्यादा डिमांड है और उन्हें मुँह मांगे जॉब में ऑफर मिलती है।

सॉफ्टवेयर मेकिंग में अपना करियर बनाने के लिए आपको कम्प्यूटर में रूचि होनी आवश्यक है, इसके लिए सबसे पहले आपको अपनी कम्प्यूटर में बेचलर डिग्री को कम्पलीट करना होगा। 

उसके बाद कोई भी कम्प्यूटर लैंग्वेज में एक्सपर्टीज हासिल करनी होगी मतलब की आप जो भी लैंग्वेज सीखे उसमे आपको बीट करने वाला कोई दूसरा नहीं होना चाहिए।

प्रोग्रामिंग लॉजिक को स्ट्रांग बनाना आवश्यक है. अगर आपको प्रोग्रामिंग में रूचि है तो आप आसानी से सॉफ्टवेयर में अपना करियर बना सकते है। 

Conclusion 

हमारे जीवन में कम्प्यूटर इंसान का अभिन्न अंग बन चूका है, और आज की टेक्नोलॉजी की दुनिया में कम्प्यूटर बहुत ही जरुरी है। सॉफ्टवेयर की मदद से हम कोई भी काम चुटकियो में कर सकते है अपने ऊँगली के दम पर।

यह सब आज सॉफ्टवेयर की वजह से मुमकिन हो पाया है। कम्प्यूटर और मोबाइल दोनों के लिए सॉफ्टवेयर अति आवश्यक है उसके बिना मोबाइल और कंप्यूटर दोनों कोई काम के नहीं है।

आज के इस आर्टिकल में हम ने यह जाना की सॉफ्टवेयर क्या है, यह कैसे काम करता है, इसके प्रकार कौन से है, सॉफ्टवेयर में करियर कैसे बनाये। सॉफ्टवेयर क्या है इसके बारे मे कोई जानना चाहता है उसे आप इस आर्टिकल को शेयर कर सकते है। 

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