स्कैनर क्या है, इसके प्रकार और कैसे काम करता है | GazabJankari

जभी हमें कोई हमारा हार्ड कॉपी डाक्यूमेंट्स कई और जगह भेजना होता है तो हम उस डाक्यूमेंट्स को स्कैनर के जरिये स्कैन करके फिर डिजिटल फॉर्मेट में कन्वर्ट करके भेजते है

पहले हम लोग फैक्स का इस्तेमाल करते थे लेकिन फैक्स की जगह अभी स्कैनर ने ले ली है। आखिर स्कैनर क्या है? यह किस तरह से काम करता है, इसके कितने प्रकार होते है यह सभी आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से जानेंगे। 

अक्सर हम जब कोई भी इम्पोर्टेन्ट डाक्यूमेंट्स की कॉपी हमारे घर में रखते है तो उसे बोहोत संभाल के रखना पड़ता है, जैसे की हमारे स्कूल के कॉलेज के सर्टिफिकेट्स, कॉलेज की डिग्री इत्यादि।

यह सभी डाक्यूमेंट्स ऐसे होते है जिन्हे हमें लाइफ टाइम तक संभाल के रखना पड़ता है क्यों की यह हमारे करियर के लिए बहुत ही आवश्यक होते, अगर आप कही पर जॉब के लिए अप्लाई करते है तो आपको इन डाक्यूमेंट्स की जरुरत पड़ती है। 

स्कैनर क्या है?

Scanner Kya Hai

स्कैनर की इन्वेंशन के बाद हम इन हार्ड कॉपी डाक्यूमेंट्स को स्कैनर के जरिये स्कैन करके उन्हें अपने डिजिटल वॉलेट में संभाल कर रख सकते है।

स्कैनर एक इनपुट डिवाइस है जो कंप्यूटर से कनेक्टेड होता है, अगर हमें कोई भी डाक्यूमेंट्स को स्कैन करवाना है तो हम डॉक्यूमेंट को स्कैनर में डालते है, स्कैनर उसे स्कैन करके उसे डिजिटल फॉर्मेट में कन्वर्ट करता है, उस डिजिटल डाक्यूमेंट्स को हम किसी को भी मेल के जरिये शेयर भी कर सकते है। 

स्कैनर के अंदर Optical Character Recognition (OCR) टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाता है, अगर आप OCR के बारे मे नहीं जानते तो आप हमारा इनपुट डिवाइस क्या है इस पोस्ट को पढ़ सकते है।

स्कैनर का अविष्कार अमेरिका के इंजीनियर Russell A. Kirsch ने किया था। इन्हिने अपने टीम के साथ मिलकर 1957 में US National Bureau of Standards में फर्स्ट इमेज स्कैनर को इन्वेन्ट किया था। 

स्कैनर कितने प्रकार के होते है?

  1. Flatbed Scanner
  2. Handheld Scanner
  3. Drum Scanner
  4. Photo Scanner
  5. Book Scanner
  6. Big Format Scanner
  7. Sheetfed Scanner
  8. Bar Code Scanner

1. Flatbed Scanner

यह एक ऑप्टिकल स्कैनर है, इस स्कैनर में एक फ्लैट सर्फेस वाले कांच का उपयोग किया जाता है जो आपके बुक्स, डाक्यूमेंट्स, पेपर इत्यादि को स्कैन करता है।

इस स्कैनर में डाक्यूमेंट्स स्कैन करने के लिए आपको अपना डाक्यूमेंट्स इसके अंदर दिए गए कांच के ऊपर रख देना है और इसके ढक्कन को बंद कर देना

जैसे ही आप इसे स्कैन के लिए शुरू करेंगे इसके अंदर का Mechanism रोल होने लगता है, आपके डॉक्यूमेंट की इमेज के रूप में प्रदान करता है। 

मार्किट में आज ऑटोमैकि डॉक्यूमेंट फीडर भी आ चुके है जिससे आप किसी नेटवर्क जैसे wifi कनेक्टिविटी से डाक्यूमेंट्स को स्कैन कर सकते है.

2. Handheld Scanner

इस स्कैनर को आपने ज्यादा तर मॉल,ग्रोसर्री स्टोर, इलेक्ट्रॉनिक शॉप्स पर देखा होगा, इस प्रकार के स्कैनर को barcode स्टीकर को रीड करने के लिए उपयोग में लाया जाता है।

इसके अदंर दिए गए रेड इंफ्रारेड लाइट की मदद से कोड को रीड किया जाता है. इस डिवाइस के अंदर रीडिंग यूनिट, और डाउनस्ट्रीम डिकोडिंग यूनिट होती है। 

3. Drum Scanner

इस प्रकार के स्कैनर का उपयोग इमेज से हाई resolution प्राप्त करने के लिए किया जाता है,स्कैन की जाने वाली इमेज को ब्लू, ग्रीन, रेड लाइट द्वारा बीम के अंदर स्प्लिट किया जाता है। जिससे अधिक ज्यादा क्लियर इमेज मिलती है। 

इन स्कैनर में इमेज को ड्रम में फिट किया जाता है और 1000 rpm ओर घुमाया जाता है जिसमे एक लाइट सोर्स पिक्सेल्स पर फोकस करता है. ड्रम स्कैनर को फ्लैटबेड का अपग्रेडेड version माना जाता है इस प्रकार के स्कैनर का प्रोडक्शन कुछ ही कम्पनिया करती है। 

4. फोटो स्कैनर 

यह एक ऑप्टिकल स्कैनर है, जिसका उपयोग फोटोज को स्कैन करने के लिए किया जाता है, फोटो को स्कैन करने के लिए इस स्कैनर के ढक्कन को उठाकर इसमें फोटो रखा जाता है.

यह स्कैनर ज्यादा तर ऑफिस use के लिए उपयोग में जाते है, साइज में यह स्कैनर छोटे होते है लेकिन यह हाई resolution वाली इमेज प्रदान करती है। इस प्रकार के स्कैनर 3*5 और 4*6 साइज के फोटोज को स्कैन किया जा सकता है। 

5. Book Scanner  

इस प्रकार के स्कैनर को ओवरहेड स्कैनर भी कहा जाता है, इन स्कैनर को किताबे और शादी के कार्ड बनाने के लिए किया जाता है। एक V आकर के cradles पर किताबो को बिना कट किये रखा जाता है,

इसके बाद दो ओवरहेड कैमरा किताबो के हर एक पेज को एक के बाद एक स्कैन करते रहते है, इन स्कैनर का उपयोग किताबो को पीडीऍफ़ फाइल  कन्वर्ट करने के लिए उपयोग में लाया जाता है.

6. बिग Format स्कैनर   

इन स्कैनर का उपयोग बड़े बड़े पोस्टर डॉक्यूमेंट को स्कैन करने के लिए किया जाता है, जैसे कि architecture, मैप लिस्टर, बिडलिंग कन्स्ट्रुक्टर इन सभी फील्ड में इनका उपयोग किया जाता है। 

7. Sheetfed Scanner

इस स्कैनर को हम adf रीडर के नाम से भी जानते है, इस प्रकार के  स्कैनर को आपने ज्यादातर स्टेशनरी शॉप में देखा होगा, अगर कोई डॉक्यूमेंट की zerox निकालनी होती है तो हम इस स्कैनर का उपयोग करते है, और इसका मुख्य उपयोग ऑफिस के डाक्यूमेंट्स को स्कैन करने के लिए किया जाता है। 

Scanner के उपयोग क्या है?

आज के टाइम में देखा जाये तो हर जगह स्कैनर का उपयोग किया जाता है, अगर आप एक कॉर्पोरेट ऑफिस में काम कर रहे है

तो हर दिन नए नए एम्प्लोये join होते रहते है उन सभी के डाक्यूमेंट्स, फोटोज, id कार्ड स्कैनर के जरिये स्कैन करके उन्हें फ्यूचर रेफ़्रेन्स के लिए स्टोर किया जाता है,

अगर आप एक स्टूडेंट है तो आपको कोई एग्जाम देनी है तो कोई ऑनलाइन फॉर्म भरने के लिए आपको आपने डाक्यूमेंट्स को स्कैन करके उन डिजिटल फॉर्मेट में कन्वर्ट करके अपलोड करना होता है.

अगर आप शेयर मार्किट में इन्वेस्ट करते है तो आपका पूरा डॉक्यूमेंशन ऑनलाइन ही होता है जिसमे आपको डिजिटल sign से लेकर अपने सभी डाक्यूमेंट्स स्कैन करके अपलोड करने होते है। 

इसी के साथ हम सभी ऑनलाइन बुक्स पढ़ते है पहले हम किताबे पढ़ने के लिए लाइब्रेरी में जाया करते थे लेकिन अभी डिजिटल वर्ल्ड में हम लोग ऑनलाइन बुक्स पढ़ सकते है यह सब स्कैनिंग के जरिए हो पाया है।

स्कैनर के जरिये सभी किताबो को पीडीऍफ़ फॉर्मेट में कन्वर्ट करके उसे ऑनलाइन अपलोड कर सकते है, जिससे दुनिया का कोई भी व्यक्ति आसानी से डाउनलोड करके जब मन चाहे जहा दिल करे वहा पढ़ सकता है। 

आप सभी ने ऑनलाइन ड्राइविंग लाइसेंस तो निकाला ही होगा उसके लिए आपको अपना पासपोर्ट साइज फोटो स्कैन करके अपलोड करना होता है, यह सब आज स्कैनर के वजहसे मुमकिन हो पाया है।

वैसे देखा जाए तो स्कैनर के कही सारे ऐसे उपयग है अलग अलग प्रकार के स्कैनर का उपयोग अलग अलग प्रकार के काम करने के लिए किया जाता है.

स्कैनर का उपयोग कैसे करते हैं?

स्कैनर एक ऐसा डिवाइस है जिसका उपयोग अलग अलग प्रकार के काम के लिए  होता है, जैसे की कम्प्यूटर में कनेक्ट होने वाला स्कैनर, मोबाइल में कनेक्ट होने वाला स्कैनर, एटीएम में लगने वाला स्कैनर वह भी एक प्रकार का स्कैनर ही है,

ओएमआर स्कैनर जिसका उपयोग ओएमआर शीट को स्कैन करने  के लिए होता है। स्कैनर को उपयोग में लानेका main उद्देश्य यह है की हार्ड कॉपी डाक्यूमेंट्स को स्कैन करके उसकी डिजिटल फॉर्मेट में कन्वर्ट करना।

अभी हम जानते है की इसका उपयग कैसे करते है। 

  1. अगर आपके पास कोई भी प्रकार की स्माल साइज स्कैनर जैसे की ऑफिस वर्क में इस्तेमाल किये जानेवाले, तो सबसे पहले आपको उस स्कैनर को कंप्यूटर से कनेक्ट करना है। 
  2. स्कैनर को पावर on करना है। 
  3. आप जिस भी डॉक्यूमेंट को स्कैन करना चाहते है उसे डॉक्यूमेंट को स्कैनर के पेपर फीडर पर रखे। 
  4. उसके बाद अपने  कम्प्यूटर के स्कैन मेनू में जा कर डॉक्यूमेंट को स्कैन करे। 
  5. डॉक्यूमेंट स्कैन होजाने के बाद अपने फाइल को सिलेक्टेड लोकेशन पर सेव करे आप जिस भी फॉर्मेट में चाहते है जैसे की पीडीऍफ़, डॉक्स इत्यादि। 

Scanner के क्या लाभ है?

  1. इम्पोर्टेन्ट डाक्यूमेंट्स हम सभी के घरोमे में होते है स्कैनर का मुख्य लाभ यह है की आप इन महत्वपूर्ण डाक्यूमेंट्स को स्कैन करके इन अपने गूगल ड्राइव या कोई डिजिटल स्टोरेज में सेव करके रख सकते है साथ ही में आप इन डाक्यूमेंट्स को पासवर्ड प्रोटेक्टेड भी रख सकते है। 
  2. जब डिजिटल दौर नहीं था टेक्नोलॉजी इतनी विकसित नहीं हुई थी तब लोग अपने इम्पोर्टेन्ट डॉक्यूमेंट बैंक के लॉकर में रखते थे ताकि उनके वह डॉक्यूमेंट घर में चोरी ना हो सके। 
  3. स्कैनर की वजहसे हमें अभी बैंक लॉकर की इस्तेमाल करने की कोई जरुरत नहीं है। 
  4. जब हमें कोई नेचुरल डिजास्टर का सामना करना पड़ता है जैसे की भूकंप,बाढ़, कोई भी प्रकार के नैसर्गिक आपदा में यह फिजिकल डॉक्यूमेंट जल्दी नष्ट होसकते है, स्कैनर की मदद से आप अपने डॉक्यूमेंट को सुरक्षित रख सकते है। 
  5. स्कैन किये हुए डॉक्यूमेंट को आप किसी को कही भी शेयर कर सकते है 
  6. स्कैन्ड डॉक्यूमेंट को आप कोई भी फॉर्मेट में सेव कर सकते है। 
  7. Scanned डॉक्यूमेंट को आप कंप्यूटर की मदद से पासवर्ड प्रोटेक्ट रख सकते है जिसे कोई बिना पासवर्ड के ओपन ना कर पाए और एडिट भी ना कर पाए 

Scanner के नुकसान

  1. जिसे प्रकार के स्कैनर का उपयोग आप कर रहे है वह साइज में छोटा बड़ा केसा भी होसकता है अगर बड़ा है तो ज्यादा जगह रोकेगा।
  2. अगर आप कलर प्रिंट स्कैनर use कर रहे है तो आप इतना ज्यादा स्कैन करेने उतना ज्यादा cartridge इस्तेमाल होगा और आपको बार बार cartridge चेंज करने की जरुरत पड़ सकती है जो की मेहेंगे भी होते है। 
  3. स्कैन की गयी डॉक्युमेंट्स की साइज ज्यादा होने की वजहसे यह कम्प्यूटर में ज्यादा जगह रोक सकती है। 

Conclusion

इस आर्टिकल में हमने समजा की स्कैनर क्या है यह कौन सा डिवाइस है इसका उपयोग कैसे करते है, आज के टाइम में स्कैनर कम्प्यूटर वर्ल्ड में बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। हर दिन कोई ना कोई कारन से हम स्कैनर का इस्तेमाल करते रहते है। 

FAQs:

प्रश्न 1: स्कैनर कौन सी डिवाइस है?

उत्तर: स्कैनर एक इनपुट डिवाइस है। 

प्रश्न 2: Scanner की खोज किसने की थी?

उत्तर: स्कैनर का अविष्कार अमेरिका के इंजीनियर Russell A. Kirsch ने किया था।

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