मेमोरी क्या है और इसके प्रकार (समझें आसान भाषा में) 2022

कम्प्यूटर भाषा में अगर समझा जाए कि मेमोरी क्या है तो इसका उत्तर यह है कि कोई भी प्रकार का कार्य करने के लिए उसे याद रखने के लिए जिस डिवाइस का उपयोग किया जाता है उसे मेमोरी कहा जाता है. जैसे की हम इंसान मेमोरी के तौर पर दिमाग का इस्तेमाल करते है।

कोई भी प्रकार का काम हम दिमाग के जरिये करते है, वैसे ही कम्प्यूटर में भी सभी प्रकार के काम करने के लिए मेमोरी की आवश्यकता होती है। 

मेमोरी का उपयोग कम्प्यूटर में स्थायी और अस्थायी रूप से डाटा, इनफार्मेशन, और इंस्ट्रक्शन को स्टोर करने के लिए किया जाता है। मेमोरी कम्प्यूटर का इम्पोर्टेन्ट हिस्सा है इसके बिना कम्प्यूटर एक सिंपल टास्क भी परफॉर्म नहीं कर सकता। 

कंप्यूटर मेमोरी क्या है

क्या है 1

कम्प्यूटर मेमोरी एक फिजिकल या हार्डवेयर डिवाइस है जो कम्प्यूटर में होने वाले इंस्ट्रक्शन और इनफार्मेशन को स्टोर करने के लिए किया जाता है। जिस तरह हम इंसान कोई भी प्रकार काम के लिए.

इनफार्मेशन को याद रखने के लिए दिमाग का इस्तेमाल करते है वैसे ही कम्प्यूटर में सभी प्रकार के डाटा को याद रखने के लिए मेमोरी का इस्तेमाल किया जाता है। 

एक्सटर्नल मेमोरी यह ऐसी मेमोरी है जो यूजर द्वारा कम्प्यूटर में ऐड की जाती है, अपने डाटा को लाइफटाइम तक save रखने के लिए। एक्सटर्नल मेमोरी के यूजर के आवश्यकता के आधार पर बढ़ाया जा सकता है. 

मेमोरी हजारो सेल्स से जुड़कर बना हुआ रहता है जो की bits के रूप में कम्प्यूटर को बाइनरी लैंग्वेज में डाटा प्रदान करता है, और कम्प्यूटर हमें उसका आउटपुट देता है।

मेमोरी अनेक सेल्स से बानी हुई होती है, तो इन सेल्स का एड्रेस भी अलग अलग होता है, जैसे की अगर हम उदहारण के तौर पर बताये तो कोई कम्प्यूटर की मेमोरी साइज 64k है तो उसमे (kilobite) मेमोरी यूनिट में 64*1024=65536  सेल्स होते है। 

मेमोरी के प्रकार

कम्प्यूटर मेमोरी को मुख्य रूप से तीन भाग में बाटा गया है:

  • प्राइमरी मेमोरी 
  • सेकेंडरी मेमोरी 
  • कैश मेमोरी 

मेन मेमोरी क्या है

कम्प्यूटर के main मेमोरी को प्राइमरी मेमोरी कहा जाता है जिसे इंटरनल मेमोरी भी कहा जाता है, जिसकी वजह से कम्प्यूटर में बहुत ही फ़ास्ट डेटा एक्सेस किया जाता है।

प्राइमरी मेमोरी एक प्रकार की volatile मेमोरी है मतलब की इस  मेमोरी में जितना भी डेटा रहता है वह तब तक ही रहता है जब तक कम्प्यूटर चालू है एक बार कम्प्यूटर बंद हो जाये उसके बाद प्राइमरी मेमोरी की सारि डाटा डिलीट हो जाती है.

प्राइमरी मेमोरी की अगर हम बात करे तो यह एक सेमीकंडक्टर मेमोरी है जो की सेकेंडरी मेमोरी की तुलना में थोड़ी मेहेंगी होती है

प्राइमरी मेमोरी की कार्यक्षमता लिमिटेड होती है और साथ ही में यह सेकेंडरी मेमोरी से छोटी भी होती है। लेकिन प्राइमरी मेमोरी का एक एडवांटेज यह है की सेकेंडरी मेमोरी से प्रोसेसिंग में बहुत ही ज्यादा फ़ास्ट होती है। 

प्राइमरी मेमोरी के उदहारण

  • RAM
  • ROM
  • SRAM
  • DRAM
  • PROM
  • EPROM

अक्सर यूजर को यह confusion हो जाता है की main मेमोरी क्या होती है, कम्प्यूटर के मुख्य मेमोरी को main मेमोरी कहा जाता है जिसे हम रैंडम एक्सेस मेमोरी कहते है, और इसे RAM के नाम से भी जाना जाता है।

main मेमोरी कम्प्यूटर का वह main हिस्सा है जो ऑपरेटिंग सिस्टम सॉफ्टवेयर, एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर और अन्य प्रकार के इनफार्मेशन को सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट के लिए स्टोर करता है जिससे यूजर द्वारा किये जाने वाले कमांड को तथा इनपुट को तेजी से प्राप्त करवा सके। 

  • Random Access Memory (RAM)

इसे रैंडम एक्सेस कहा जाता है क्यों की सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट डायरेक्टली मेमोरी के कोई भी हिस्से में जा सकता है। रैंडम एक्सेस मेमोरी तेज प्रकार के मेमोरी में इसका समावेश होता है और इसमें डेटा को पढ़ने और लिखने की क्षमता ज्यादा होती है।

जब कोई कारन से कम्प्यूटर बंद हो जाता है तो यह मेमोरी क्लियर हो जाती है। main मेमोरी के भी दो प्रकार है 1 डायनामिक रैंडम एक्सेस मेमोरी(DRAM) 2 स्टैटिक रैंडम एक्सेस मेमोरी (SRAM) .

  • Read-Only Memory (ROM)

ROM यह एक नॉन वोलेटाइल मेमोरी है, ROM का उपयोग डिवाइस को प्रोग्राम करने के लिए किया जाता है।  इस मेमोरी के द्वारा डिवाइस में songs. वीडियोस,डाक्यूमेंट्स को लाइफ टाइम तक स्टोर करके रखा जा सकता है। RAM के मुकाबले ROM मेमोरी ज्यादा तेजी से एक्सेस नहीं कर पाता है। 

  • प्रोग्रामेबल रीड ऑनली मैमोरी (PROM)

यह एक मेमोरी चिप है जिसे सिर्फ एक बार ही प्रोग्राम किया जाता है उसके बाद इसमें कोई भी प्रकार का डेटा ओवर राइट नहीं कर सकते। इसे one टाइम programmable चिप भी कहते है।

आज के टाइम में PROM का उपयोग नहीं किया जाता इसके जगह पर EEPROM का इस्तेमाल अधिक होता है। 

  • Erasable Programmable Read-Only Memory (EPROM)

यह एक non volatile मेमोरी है जिसका अविष्कार 1971 में Dov Frohman ने किया था। EPROM में डेटा को erase करने के बाद फिर से इसमें डेटा को right किया जा सकता है

पावर सप्लाई नहीं होने के बावजूद भी इसके अंदर के डाटा को retain किया जा सकता है। इस प्रकार की मेमोरी को टेस्टिंग और debugging के लिए इस्तेमाल किया जाता है। 

  • डायनामिक रैंडम एक्सेस मेमोरी (DRAM)

DRAM मेमोरी कम्प्यूटर की जनरल प्रकार की मुख्य मेमोरी है, यह पर्सनल कम्प्यूटर और वर्कस्टेशन में प्रचलित मेमोरी स्त्रोत है।

डायनामिक रैंडम एक्सेस मेमोरी वही सभी डाटा रिस्टोर करते रहता है जो डेटा मेमोरी में संस्थापित होते रहता है। DRAM स्टोरेज सेल में प्रति सेकंड लाखो पल्स भेजकर डाटा को रिफ्रेश करता है। 

  • Static रैंडम एक्सेस मेमोरी (SRAM)

Static रैंडम एक्सेस मेमोरी कम्प्यूटर में दूसरे प्रकार की मुख्य मेमोरी है, यह सामन्य तौर पर एम्बेडेड डिवाइस में सोर्स और मेमोरी के रूप में उपयोग की जाती है। SRAM में कोई भी डेटा को बार बार रिफ्रेश करने की जरुरत नहीं है.

कोई भी प्रकार की मेमोरी इसमें स्टैटिक इमेज के रूप में बनी रहती है और ना यह डिलीट होती है जब तक कम्प्यूटर को स्विच ऑफ़ ना कर दे। SRAM का उपयोग न होने पर यह ज्यादा पावर efficient है.

प्राइमरी मेमोरी कम्प्यूटर में स्थित cpu और cache मेमोरी के साथ डायरेक्ट कम्यूनिकेट करता है,cpu को प्रोसेसिंग के लिए लगता सारा डाटा प्राइमरी मेमोरी में स्टोर रहता है। 

सेकेंडरी मेमोरी क्या है

सेकेंडरी मेमोरी एक permanant स्टोरेज मेमोरी है जिसका उपयोग कम्प्यूटर में स्थित प्रोग्राम के execution होने के  बाद जो आउटपुट यूजर को प्राप्त होता है उसे स्टोर करने के लिए इस मेमोरी का उपयोग किया जाता है।

सेकेंडरी मेमोरी कम्प्यूटर की non volatile मेमोरी है जिसमे स्तिथ कोई भी डाटा और इनफार्मेशन कम्प्यूटर बंद होजाने के बाद भी सेव रहता है। सेकेंडरी मेमोरी यूसेज के मामले प्राइमरी मेमोरी के तुलना में सस्ती और स्लो होती है। 

सेकेंडरी मेमोरी डायरेक्टली cpu के साथ एक्सेस नहीं करती, सेकेंडरी मेमोरी के डेटा को सबसे पहले कम्प्यूटर की प्राइमरी मेमोरी मतलब की रैंडम एक्सेस मेमोरी में स्टोर किया जाता है उसके बाद प्रोसेसर डेटा को execute करता है।

सेकेंडरी मेमोरी कम्प्यूटर में एक्सटर्नल के रूप में सेटअप किया जाता है की जिसके अंदर आप gigabyte और terabyte में डेटा स्टोर कर सकते है। 

सेकेंडरी स्टोरेज को हम आसान भाषा में बैकअप स्टोरेज डिवाइस और mass स्टोरेज डिवाइस भी कहते है। इसके उदहारण है:

  • CD-ROM, DVD
  • Hard Disc
  • Compact Disc
  • Pen Drive
  • Flash Drive
  • Solid-state drives (SSDs)
  • Optical (CD or DVD) drives
  • Magnetic Tape 

Secondary Memory के Characteristics

  • इसे ऑप्टिकल तथा मैग्नेटिक मेमोरी कहा जाता है। 
  • इसके अलावा इसे बैकअप मेमोरी भी कहा जाता है। 
  • यह नॉन-वोलेटाइल मेमोरी होती है। 
  • इसमें डेटा permanently सेव रहता है अगर आपका कम्प्यूटर चालू में बंद भी होजाये। 
  • इस मेमोरी का उपयोग डाटा को स्टोर करने के लिए किया जाता है। 
  • कोई भी कम्प्यूटर बिना सेकेंडरी मेमोरी के भी चल सकता है। 
  • सेकेंडरी मेमोरी प्राइमरी मेमोरी के तुलना में slower होते है। 

कैश मेमोरी क्या है

Cache मेमोरी को highspeed semiconductor मेमोरी भी कहा जाता है, जो cpu को फ़ास्ट बनाता है. यह एक प्रकार से टेम्पररी मेमोरी है जो कम्प्यूटर बंद करने के बाद डिलीट हो जाती है।

जभी हम कम्प्यूटर पर कोई भी प्रकार का काम करते है घंटो तक, तो हमारा कम्प्यूटर स्लो हो जाता है। उसका कारन है रैंडम एक्सेस मेमोरी में स्टोर होनेवाला टेम्पररी डेटा, अगर आप कम्प्यूटर को रीस्टार्ट कर देते है तो आपका कम्प्यूटर फिरसे फ़ास्ट चलने लगेगा।

यह शार्ट टाइम डाटा स्ट्रोरिंग का काम रैंडम एक्सेस मेमोरी करता है जो है हमारे कम्प्यूटर के cpu के अंदर एक हार्डवेयर डिवाइस  लम्ब चौरस के आकार में मदर बोर्ड पर लगा हुआ रहता है। 

Cache मेमोरी के मुख्य तीन प्रकार है:

  • Direct-mapped cache
  • Fully associative cache
  • N-way-set-associative cache. 

Cache Memory के Advantages

  • Main मेमोरी के तुलना में cache मेमोरी बहुत ज्यादा फ़ास्ट होती है। 
  • कोई डाटा एक्सेस में यह कम से कम टाइम consume करती है। 
  • Cache मेमोरी उन प्रोग्राम और डाटा को स्टोर करती है जिसे शार्ट पीरियड ऑफ़ टाइम में execute करना होता है। 
  • डाटा को टेम्पररी इस्तेमाल के लिए स्टोर करती है। 

मेमोरी को मापने की इकाई

कोई भी प्रकार के वस्तु की मोटाई,चौड़ाई, लम्बाई नापने के लिए हम एक निश्चित प्रकार का मापदंड या इकाई का उपयोग करते है. इकाई की मदद से ही हम हर एक प्रकार की वस्तु को माप सकते है। उसी प्रकार मेमोरी की क्षमता को मापने के लिए इकाई होती है जिससे मेमोरी को नापा जाता है। 

कम्प्यूटर के मेमोरी को बिट में नापा जाता है, बिट मेमोरी की क्षमता को मापने का छोटा इकाई है इसमें 0 या 1 तक के अंको को ही स्टोर किया जा सकता है। 

कम्प्यूटर में मेमोरी में एक से ज्यादा डाटा स्टोर करने वाले क्षमता को byte कहते है और 8 bit संग्रहण क्षमता के मेमोरी को 1 byte कहा जाता है।

आज के टाइम में मेमोरी की क्षमता नापने के लिए gigabye का उपयोग किया जाता है।  क्यों की आज के सुपर कम्प्यूटर में लाखो Tb तक का स्टोर किया जाता है। और ऐसे सुपर कम्प्यूटर में सौ गुना ज्यादा की मेमोरी क्षमता होती है। 

  • 0 और 1 = 1 Bit
  • 8 बिट = 1 byte 
  • 1024 byte = 1 kilobyte (kb) 
  • 1024 kilobyte = 1 megabyte (MB)
  • 1024 megabyte = 1 gigabyte (GB)
  • 1024 gigabyte = 1 terabyte (TB)
  • 1024 terabyte = 1 Petabyte (PB)
  • 1024 petabyte = 1 Exabyte (EB)
  • 1024 Exabyte  = 1 Zettabyte (ZB)
  • 1024 Zettabyte = 1 Yottabyte (YB)
  • 1024 yottabyte = 1 Brontobyte (BB)
  • 1024 Brontobyte = 1 Geopbyte

Conclusion 

अगर आप कोई कम्प्यूटर कोर्स सिखने जा रहे है अथवा तो आपको कप्यूटर की मेमोरी के बारे में जानना है तो आप इस आर्टिकल के माध्यम से कम्प्यूटर मेमोरी क्या है, इसके प्रकार कौन कौन से है,  कम्प्यूटर की मुख्य मेमोरी क्या है इसके उपयोग क्या है इन सभी के बारे में जान सकते है। इस आर्टिकल में कप्यूटर में जितने भी प्रकार के मेमोरी का इस्तेमाल होता है वह सभी जानकारी आप इस आर्टिकल से प्राप्त कर सकते है। 

FAQs: 

प्रश्न 1: कंप्यूटर मेमोरी की सबसे छोटी इकाई क्या कहलाती है ?

उत्तर: कम्प्यूटर के सबसे छोटी इकाई को bit कहते है.

प्रश्न 2: कंप्यूटर की सबसे तेज मेमोरी कौन सी है ?

उत्तर: Cache मेमोरी को कम्प्यूटर की सबसे तेज मेमोरी कहा जाता है। 

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